Story and Poetry Spot.........Musafir
Saturday, July 28, 2012
श्रृंगार.........
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हर पल तुझ पे वारी जाऊँ ... हर सांस में तेरे गुण ही गाऊं . तुझे परवाह हो न मेरी …. तेरी माला पिरोती जाऊं .. हर जनम में तेरा साथ म...
Monday, March 26, 2012
सपनो का दरिया..........
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दरिया दरिया .... दुनिया को जोड़े रखने का प्यारा सा जरिया .... मंजिल मिली ... याराना मिला .... हर पल एक नयी सोच वाला बेहतरीन ज़माना मिला...
होली ...... ज़िन्दगी का नया रंग
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आओ फिर खेले रंग ....... एक नयी उम्मीद संग .. हाथ अबीर गुलाल है .. जिगर में जशन-ऐ-मलाल है... देख मुसाफिर देख आसमा कितना रंगीन है... ...
उमंग.........
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चिंता दूर करने की चिंता लिए घूम रहा मुसाफिर क्यूँ ....... मंजिल दूर नसीब है फिर मुसाफिर रुका है क्यूँ ....... दिल धीरज धरा हुआ , कमर क...
Wednesday, October 19, 2011
E-Governance by Kash
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Friday, September 9, 2011
Favoritism cursing an Organisation
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My Portrait - Blog: Favoritism cursing an Organisation
Wednesday, August 17, 2011
My Portrait - Blog: The Blend of Management from Bhagavad Gita
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My Portrait - Blog: The Blend of Management from Bhagavad Gita
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