"तेरे संग"
ये वक़्त खुशनुमा हुआ .... जब तेरा मेरा संग हुआ...
जब साथ है तेरा संग .... मैंने चाँद को छुआ .....
हर किनारे हर डगर .... बेगाने मुसाफिर हमराही बने...
ज़िन्दगी के कागज़ पर हम तुम एक सियाही बने....
हम जुबानी गाए गीत .... एक नयी कहानी लिखी .....
एक पल है ओझल तू अगर ... दुनिया मुझे वीरानी दिखी ...
हर लम्हा हर पल , तुझे देख कर जिया.......
दुनिया का हर मोह छुटा , जबसे तुझे दिल दिया ...... ♥ ♥ ♥
कश्यप द्विवेदी