Kashyap Dwivedi

Story and Poetry Spot.........Musafir

Thursday, July 11, 2013

समंदर .......................

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समंदर ....................... साहिल की तलाश किये ..... हिचकोले खाता फिर  रहा कितनी ख़ामोशी कितने सैलाब लिए .... झुंड से तन्हा चल रहा ...
Sunday, January 27, 2013

ज़ज्बात

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तू ज़िन्दगी है मेरी सुकून तुझसे है मेरा तू साथ है सदा मेरे यकीन तुझपे है मेरा नमी ये कैसी आँख मे ; बता तुझे मै प्यार दूँ क्यूँ बिख...
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Wednesday, January 9, 2013

"तेरे संग"

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"तेरे संग" ये वक़्त खुशनुमा हुआ .... जब तेरा मेरा संग  हुआ...  जब साथ है तेरा संग   .... मैंने चाँद को छुआ ..... हर किनारे ह...
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Wednesday, January 2, 2013

नव वर्ष...............

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दिलो में ये जो हर्ष है नव वर्ष का जो स्पर्श है किसी ने पाई मंजिलें किसी ने पाया दर्द है जब वक़्त आगे बढ़ गया तब तू रुक हुआ है क्यू...
Saturday, December 29, 2012

धूमिल ...

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हर तरफ ज़िक्र है  ; क्यूँ  उठ रहा है धुंआ  ज़रा पूछो  उस रब से ; क्यों मुझ से रूठा हुआ .... ये वक़्त थमता नहीं क्यूँ तू भी सुनता नहीं ...
Monday, December 24, 2012

मशाल .................

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ये दूर जो दिखाई दी , है कैसी ये चिंगारियां ! जो स्वप्न से जगा  दे , है कैसी ये रुदालियाँ !! है कौनसा सवाल ये , जो   'लौ ' लिए म...
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Sunday, August 5, 2012

अक्स.....

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आज विवश है दिल बड़ा; ये कौन है जो संग खड़ा.... में तो आजाद आया था इस दुनिया में; फिर कौन साया ये पीछे पड़ा // अजीब इत्तफाक है.. ना क...
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